क्या एक बार कोरोना वायरस से उबरने के बाद दोबारा हो सकते हैं संक्रमित?

About Coronavirus Infection: नोवेल कोरोना वायरस यानी COVID-19 एक रहस्यमय संक्रमण है, जिसने अब तक तीन लाख से ज़्यादा लोगों को प्रभावित किया है। यह वायरस कैसे फैलता है या कैसे काम करता है इस बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं है, हालांकि ये ज़रूर जानते हैं कि ये ख़तरनाक वायरस तेज़ी से फैलता है। WHO के मुताबिक अगर, इस स्थिति पर काबू नहीं पाया गया, तो इससे भी बदतर हालात के लिए तैयर होना होगा।

कोरोना वायरस का संक्रमण सर्दी और फ्लू जैसे एक आम लक्षण से शुरू होता है, जो किसी भी समय अटैक कर सकता है। मौसम में बदलाव के साथ, ये भी संभव है कि कोरोना वायरस संक्रमण से उबरने के बाद भी एक व्यक्ति में दोबारा लक्षण विकसित हो जाएं।

इसके अलावा, क्योंकि संक्रामक रूप से कोरोनो वायरस एक बड़ा ख़तरा है, इसलिए यह सवाल बना हुआ है कि क्या आप एक बार ठीक होने के बाद फिर से कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकते हैं?

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कोरोना वायरस हर तरह से एक घातक संक्रमण है। यह समझने के लिए कि एक बार ठीक होने पर दोबारा कोरोना वायरस होने की संभावना है, हमें यह समझने की ज़रूरत है कि वायरस एक संक्रामक सतह पर कितनी देर तक रहता है।

वायरस की ऊष्मायन अवधि 2-14 दिनों की होती है, जिसमें अधिकांश लक्षण प्रमुख रूप से ज़्यादातर लोगों में चौथे या पांचवें दिन दिखाई देते हैं। सेंटर ऑफ डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के मुताबिक, ज़्यादातर लोग इस अवधि में संक्रामक होते हैं, जब लक्षण हल्के या मध्यम दिखाई देते हैं। रिसर्च भी लगातार बढ़ रही हैं, जिसके मुताबिक बिना वायरस के लक्षण वाले लोग भी संक्रमण को फैला सकते हैं, हालांकि इसकी संभावना कम है।

लेकिन, क्या दोबारा कोरोना वायरस हो सकता है?

अभी तक, कोरोना वायरस से उबरे सभी मामले या दोबारा परीक्षण किए गए मामलों में, 0.2% से भी कम ऐसे मामले आए हैं जो दूसरी बार इस वायरस से संक्रमित हुए हैं। रिसर्च के मुताबिक, जो लोग दूसरी बार संक्रमित पाए जाते हैं, उन लोगों में क्लीनिकल साइन या लक्षण नहीं दिखाई देते।

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संक्रमण से कैसे लड़ता है शरीर

जब भी कोई संक्रमण या बीमारी हमारे इम्यून सिस्टम पर अटैक करती है, तो शरीर उससे लड़ने के लिए एंटीबॉडीज़ विकसित करता है। ज़्यादातर मामलों में ये उसी संक्रमण की दोबारा हावी होने की संभावना कम कर देता है। फ्लू की वैक्सीन भी इसी सिद्धांत पर काम करती है। क्योंकि, कोविड-19 के लिए अभी तक कोई वैक्सीन या इस नए वायरस को लेकर ज़्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसके दोबारा होने पर ज़्यादा कुछ कहा नही जा सकता।

कोरोना वायरस के म्यूटेशन की ज़्यादा संभावना

नोवेल कोरोना वायरस अभी तक पाए जाने वाले किसी भी कोरोना वायरस की तुलना में सबसे शक्तिशाली है। अगर किसी वायरस का उत्परिवर्तन होता है, तो वो पहले से भी ज़्यादा मज़बूत हो जाता है, और किसी को भी एक से ज़्यादा बार संक्रमित कर सकता है। इसलिए, वैज्ञानिकों का कहना है कि वायरस के संचरण के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने से पहले हमें इंतज़ार करना होगा। इस वक्त वैज्ञानिक मोटे तौर पर इस वायरस को जड़ से ख़त्म करने का तरीका खोज रहे हैं। जिसके बाद उम्मीद है कि ये इंफेक्शन दोबारा नहीं होगा।

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बचाव का सिर्फ एक ही तरीका

कोरोना वायरस का जब तक कोई इलाज नहीं आ जाता, तब तक इससे बचने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि लोग आपस में दूरी बनाए रखें, साफ-सफाई का अच्छी तरह ध्यान दें, ताकि इंफेक्शन से दूर रखा जा सके।

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